International Journal of Advanced Research and Development


ISSN: 2455-4030

Vol. 3, Issue 2 (2018)

संगीत व मानव कार्य शैली

Author(s): डॉ. नीतू वर्मा
Abstract: नई भाषा, नया शौक, नई किताब, नई जगह, नए रिश्ते या बगीचे में रोपा गया नया पौधा हो, इंसान के तन-मन को महका ही देता है। इंसान के जीवन में एक नयापन ले आता है। कुछ ऐसी ही प्रवृति संगीत की है, चाहे जैसा भी हो, सुनने की देर है और सांसों में स्वरलहरियां उठने लगती हैं। दिल दिमाग तरोताजा हो जाता है। सब दुख और परेशानियां छूमंतर हो जाती हैं।
Pages: 728-729  |  465 Views  160 Downloads
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