International Journal of Advanced Research and Development

International Journal of Advanced Research and Development


International Journal of Advanced Research and Development
International Journal of Advanced Research and Development
Vol. 2, Issue 5 (2017)

नैतिक मूल्यों के सन्दर्भ में ‘महासमर’ का अध्ययन


डाॅ. पूनम काजल

महाभारतयुगीन परिस्थितियाँ तथा आधुनिक युगीन परिस्थितियाँ नैतिकता की दृष्टि से बहुत साम्य रखती हैं। वे मूल्य, जो कभी मानवीयता तथा समाज की पहचान होते थे तथा जिनके कारण ही कोई संस्कृति अथवा सभ्यता अपनी अस्मिता तथा गौरव को बनाए रखने में सक्षम होती थी, आज उनका अवमूल्यन होता दिखाई दे रहा है। समाज का नैतिक मानदण्ड अपेक्षाकृत शिथिल होने के कारण अनैतिकता ने शनैः-शनैः अपना साम्राज्य बढ़ाते हुए काफी प्रसार पा लिया है। सत्य तो यह है कि वर्तमान भारतीय समाज में व्यक्ति अपनी संस्कृति की पगडंडी से उतर कर दिग्भ्रमित हुआ इधर-उधर भटक रहा है। कदाचित इसी बात को लक्षित कर लेखक नरेन्द्र कोहली ने महाभारत को आधार बनाकर लिखी अपनी उपन्यास-शृंखला ‘महासमर’ में भारतीय संस्कृति के उज्ज्वलतम पक्षों को सुरक्षित रखने का भरसक प्रयास किया है।
Download  |  Pages : 903-904
How to cite this article:
डाॅ. पूनम काजल. नैतिक मूल्यों के सन्दर्भ में ‘महासमर’ का अध्ययन. International Journal of Advanced Research and Development, Volume 2, Issue 5, 2017, Pages 903-904
International Journal of Advanced Research and Development