International Journal of Advanced Research and Development

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International Journal of Advanced Research and Development
International Journal of Advanced Research and Development
Vol. 3, Issue 1 (2018)

विन्ध्य के सामाजिक जीवन में हिन्दू समाज


डाॅ0 बिनीता दुबे

भारतीय हिन्दू समाज जातियों के अनेक समूहों और वर्गों में विभक्त हैं जो अपने प्रतिष्ठानुसार पारस्परिक सामाजिक आचार-विचार, रहन-सहन और व्यवहार में भी पृथक हैं। सभी जातियों के अपने भिन्न-भिन्न व्यवहार और लक्षण हैं, जिनमें उनकी अपनी विशेषता, गुणात्मकता और निजत्व का पता चलता हैं। वस्तुतः भारतीय जाति-व्यवस्था सामाजिक संगठन का अत्यन्त सामान्य रूप है जिसके माध्यम से उसका विकास प्रकृतः हुआ है। विन्ध्यप्रदेश में हिन्दू धर्म के अन्तर्गत प्राचीन काल से कई व्यवस्थाएँ चली आ रही थीं जो तत्कालीन समाज में भी दृष्टिगोचर होती है। वर्ण व्यवस्था, आश्रम व्यवस्था तथा संस्कार हिन्दू धर्म के प्रमुख गुण है। वर्ण व्यवस्था के पालन में कमी नहीं आयी, परन्तु आश्रम व्यवस्था तथा संस्कारों के पालन में क्षीणता आ गई। इसका कारण सामान्य जनों का जटिल परम्पराओं के पालन में कठिनाई थी, साथ ही बाह्य जातियों के आगमन ने भी जटिलताओं को दूर करने में सहायता दी।
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डाॅ0 बिनीता दुबे. विन्ध्य के सामाजिक जीवन में हिन्दू समाज. International Journal of Advanced Research and Development, Volume 3, Issue 1, 2018, Pages 779-780
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